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किसान विरोधी दलों को वापस लेने के लिए किसान यूनियन अध्यक्ष हड़ताल सिंह चौधरी ने एसडीम हिंडौन को दिया ज्ञापन

किसानों की मांगों को लेकर करतार सिंह जी ने उप जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

karnal breking newsa , ibn 24 के पत्रकार आकर्षण उप्पल के ऊपर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला किया

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भारतीय किसान यूनियन करौली के जिलाध्यक्ष करतारसिंह चौधरी के नेतृत्व में भारत बंद के समर्थन में माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिला कलेक्टर महोदय हिंडौनसिटी को ज्ञापन दिया गया ज्ञापन में

किसानों द्वारा आज 8 दिसंबर को भारत बंद के आवाहान का समर्थन करते हुए सादर निवेदन है कि  केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के लिए जो बिल लाया गया है वो गलत है इससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नही मिल सकता और किसान जो कि हमारे अन्न दाता है उनकी आशाओं के खिलाफ ये विधेयक लाया गया ।आज किसान किस तरह से सड़कों पर उतरे हुए हैं अपना हक मांगने के लिए इस आंदोलन में 4 किसान शहीद तक हो गए है गरीब किसान अपना हक मांगने के लिए बीवी बच्चो के साथ कड़कती सर्दी में उतरे हुए है सरकार फिर भी मुख दर्शक बनी हुई हैं और तानाशाही का रूप लिए हुए है जो कि एक सविधान के खिलाफ है क्योंकि ये कानून किसानों के अधिकारों का हनन है 

आज देश मे सिर्फ किसान है जो अपनी मेहनत की कमाई खाता है । किसान किस तरह अपनी उपज तैयार होने का इंतजार देखता है और फिर भी उसे उसका सही हक नही मील सके तो यह उसके लिए बहुत दुःख की बात है। आज केंद्र सरकार को इस पर गहनता से विचार करते हुए विधेयक वापस लेना चाहिए और किसानों को उनका हक देना चाहिये क्योंकि किसान वो है जो खुद बिना किसी डर के अपने जान की परवाह किये बिना दिन रात उपज के लिए मिट्टी के साथ मिट्टी मे मिलकर खून पसीना बहाते रहते है अगर फिर भी किसानों के खिलाफ काला कानून लागू किया जाता है तो ऐसी सरकार पर नालत है।  
भारतीय किसान यूनियन करौली के सभी पदाधिकारी किसानों का समर्थन करते हुए महोदय आपसे निवेदन करते है की आप इस विधेयक को वापस लेने का श्रम करे जिससे किसानों को उनका हक मिल सके और किसान हमे ओर भी खुश होकर अन्न की उपजे प्रधान करता रहे । 
केन्द्र सरकार को किसान विरोधी तीनों बिल वापिस लेकर वह उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिये जाने का कानून बनाना होगा । जब तक सरकार दोनों कार्य नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रखेंगे । किसान ना कभी झुका हैं और ना ही किसान को झुकने देंगे । इसके लिए राजस्थान से ओर भी किसान आन्दोलन में पहुंच रहे हैं , किसानों के हित में केन्द्र सरकार को अतिशीघ्र किसान विरोधी काले कानूनों को वापस ले लें ।वो एम एस पी को कानूनी में शामिल करना होगा । आज 8 दिसंबर को भारत बंद को पूर्ण समर्थन देते हैं । केन्द्र सरकार को चेतावनी दी जाती है कि यदि 9दिसम्बर तक किसानों के साथ होने जा रही वार्ता में सकारात्मक निर्णय नहीं हुए तो राजस्थान का किसान भारी संख्या में दिल्ली पहुंचने पर मजबूर होंगे । यह आन्दोलन सरकार के लिए भारी साबित होगा । ज्ञापन के समय भारतीय किसान यूनियन करौली के जिलाध्यक्ष करतार सिंह चौधरी धंधावली , दामोदर भागोड , महेंद्र सिंह भागौड , जगदीश डागुर , भबलेश लहकोडिया , नाहर सिंह डागुर , महेश गुर्जर , करनसिंह बैनीवाल , दीपक कुमार सैन, वीरसिंह मावई , ईश्वर धाकड़ ,अमित करसौलिया ,  दीपक जमालपुर , पंकज चौधरी , मोनू डागुर , चेतराम मीना , हरिओम घासीपुरा , अंकुर मीना , गौरव मीना , विजय सिंह , जितेंद्र गुर्जर , विनोद , हरिचरण , बालोराम आदि मौजूद रहे ।
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